Chandrala Parameshvari Stotras--by Vaini(Smt J R Dixit)

|| श्री चन्द्रलापरमेश्वरी स्तोत्र ||

मंत्र प्रारंभ

श्री गणेशाय नमः ||श्री चन्द्रलापरमेश्वरी मंत्र प्रारंभ | अस्य श्री परम सौभाग्य चन्द्रला परमेश्वरी स्तोत्र मंत्रस्य पद्मा ऋषिः अनुष्टुप छंदः || श्री चन्द्रला परमेश्वरी देवता चंद्रला परमेश्वरी प्रीत्यर्थं जपे विनियोगः || ॐ अंगुष्टाभ्यां नमः || ॐ चं तर्जनीभ्यां नमः|| ॐ चंद्रायै मद्ध्यमाभ्यां नमः | ॐ परम सौभाग्य देवतायै अनामिकाभ्यां नमः| ॐ स्वभक्त रिपुनिधन करणायै कनिष्टिकाभ्यां नमः| | ॐ नमो नमः करतल करपृष्टाभ्यां नमः| अथांगन्यासः ||| ॐ हृदयाय नमः || ॐ चं शिरसेस्वाः || ॐ चंद्रायै शिखयै वौषट् || ॐ परम सौभाग्य देवतायै कवचायहुं || ॐ स्वभक्त रिपु निधन करुणायै नेत्रत्रया वौषट् || ॐ नमो नमः|| अस्त्राय फट् इति दिग्बंधः || अथ ध्यानं || प्रपन्नोस्मि महादेवि भक्तानामं भयप्रदे || दिव्य सिंहासनारूढे सर्व सौभाग्य संयुते ||1|| सर्वसंपदकरींदेविं सर्वोपद्रवनाशनीं || सर्ववश्यकरीं वंदे मोहिनीं वीर मातरं ||2|| वंदेहं कुलदेवतां सुवसनां जांबूनदालंकृतां कंजाक्षीं कुचभार भीरु विलसन्मध्यां क्वणत् किंकिणीं शंभ्वाद्यैः परिसेवितां सुवदनां मंदस्मितोद्युन्मुखिं ध्यायेतां वरदेश्वरीं कुमुदिनीं सौभाग्यदां चंद्रलां ||3|| श्री चंद्रलापरमेश्वरी प्रेरणया श्री चंद्रलापरमेश्वरी प्रीत्यर्थं मम मनोवांछितार्थं अधिकार शाश्वतार्थं श्री चंद्रलापरमेश्वरी मंत्र जपं करिष्ये || चंद्रायै परम सौभाग्य देवतायै स्वभक्तरिपुनिधन करणायै नमो नमः|| अष्टोत्तर शतवारं जपित्वा (108) पुनरन्यास ध्यानं पठित्वा श्री चंद्रलापरमेश्वरी मूलमंत्र अष्टोत्तर शतवारं अथवा द्वादशवारं जपेत् || द्वादश अर्घ्यदानेन श्री चंद्रलापरमेश्वरी प्रीयतां प्रीतो वरदो भवतु ||

|| अथ स्तोत्रं ||

चन्द्रां वंदे महादेवीं सर्व रत्नाभिपूरिणिं | सर्व सिद्धि करीं विश्वां सर्व सिद्धि करीं शिवां || 1|| भक्ताभीष्ट करीं शामां सुवर्णदांघ्रि पूरिणिं || सर्वसंपत्करीं वंदे सर्वैश्वर्य प्रदायिनीं ||2|| राजवष्य करीं विद्या विश्वार्चिं विश्ववल्लभां || नमस्तुभ्यं महामातृं पद्म मातृं नमो नमः ||3|| विष्णुपत्नि नमस्तुभ्यं नमस्ते वरदायिनी || सर्व वश्य करीं मात्रे नमस्तुभ्यं वरानने ||4|| नमस्ते तीर्थरूपिण्यै नमस्ते वरदे शुभे || नमस्तुभ्यं रसाध्यक्ष्ये रुग्मपूर्णकारिणि || 5 || नमस्ते विश्वनाथायै नमस्ते पापनाशिनी |बुद्धिदात्रै नमस्तुभ्यं जगद्धात्रै नमोनमः || 6|| गुणाकरे नमस्तुभ्यं हेमरत्न विभूषिते | य इदं परमं गुह्यं श्रुणोति श्रावयेदपि ||7|| चंद्राम भक्तियुतां योपि सपुमान्विजयि भवेत् | नदेयं यस्यकस्यापि विकल्पो हतात्मनां ||8|| गौप्याद्गौप्यतरं चैव तत्कर्तव्यं परमं शुभं | देयं पुत्राय शिष्याय भक्तिं शुभायुतायवै || 9|| गुणज्ञाय विषुध्याय विनीताय महात्मने | यःपठेन्नियतो भक्त्या सर्व कामानाप्नुयात ||10|| राजाच मित्रतां याति शत्रवो याति दास्यतां | घोर मृत्यु भयं तस्य कदाचिन्नैव जायते ||11|| विजयी रोगहीनस्यात्सजीवशरदः शतं | सर्वसौख्य प्रदो नित्यं प्राप्नुयात्सत्वरा शिवा ||12|| भयं नैवोपजायेत नात्र कार्या विचारणा | आनंदं सततं प्राप्य देव्याः प्रियतमो भवेत् || 13|| || इति श्री अथर्वण वेदरहस्य श्री चन्द्रलापरमेश्वरी स्तोत्रं संपूर्णं श्री चंद्रलार्पणमस्तु ||

|| श्री चन्द्रलापरमेश्वरी अष्टक ||

श्री चंद्रां त्रिदशार्चितांघ्रियुगलां चंद्राननां सुस्मितां | सत्त्वर्णां वरदां वराह नयनां शुभ्रांबरां इंदिरां || क्षेत्रे सन्नति पट्टणे सुपुवने भीमतटे संस्थितां | वंदेहं सुखदांच चंद्रलां वरदां महादेवीं भवानीं शिवाम् ||1|| सिन्धूरादि सुकुंकुमां सुतिलकां कस्तूरिकातर्चितां | जाती पुष्पक चंपकैर्मलयजै बिल्वैर्दलै पूजितां | माणीक्काभरणां प्रवाल वदनां मुक्तावळी शोभितां | वंदेहं सुखदांच चंद्रलां वरदां देवीं भवानीं शिवाम् ||2|| श्री लक्ष्मींच चतुर्भुजां त्रिनयनां सर्वार्थ सिद्धप्रदां वेदैः शास्त्र पुराण नूपुर झणत्कारेण सम्मोहिनीं | हीरारत्न सुशोभित कंकण करां शृंगारिणीं चंद्रिकां | वंदेहं सुखदांच चंद्रलां वरदां देवीं भवानीं शिवाम् ||3|| चंद्रादित्य सुकुंडलां सुवर क्षोणीश वेणीकृतां ब्रह्माणीं त्रिपुरां महायद्रवहां सिंहाननीं भैरवीं || संसारावर्णव तारिणीं भगवतीं नारायणीं शंकरीं | वंदेहं सुखदांच चंद्रलां वरदां देवीं भवानीं शिवाम् || 4|| श्री विद्यागरुडासनां गजगतीं कात्यायिनीं शांभवीं | सर्वदां वृषभासनां कुशयुतां हंसाननां शारदां | गौरांगिं करुणार्कमंडलनिभां श्यामांच चंद्रप्रभां | वंदेहं सुखदांच चंद्रलां वरदां देवीं भवानीं शिवाम् ||5|| अम्बां कल्पतां सुरासुरनुतां कामेश्वरीं कामदां | कौमारीं कमलासिनीं कमलजां ज्वालामुखीं शैलजां |l लक्ष्मीरूपधरामुमांच शबरीं श्री हिंगुलां चंद्रलां | वंदेहं सुखदांच चंद्रलां वरदां देवीं भवानीं शिवाम् || 6|| बालां बगलां वराहवदनां श्री सुंदरां श्यामलां | मातंगीं शरचापिनीं वसुवतीं वीणावतीं भारतीं | सावित्रीं सकलां हिमाचलसुतां श्रीभद्रकालीं कलां | वंदेहं सुखदांच चंद्रलां वरनां देवीं भवानीं शिवाम् || 7|| गायित्रीं गिरिजामुमां गुणयुतां श्रिरेणुकां मातृकां | कुर्यात् कुंडलनीं जनेष्ट जननीं मायावतीं मातरं | दुर्गां हेमवतीं रतीशभयदां धात्रीं त्रिसंध्यां मातरं | वंदेहं सुखदांच चंद्रलां वरदां देवीं भवानीं शिवाम् || 8|| ||इति स्कंद पुराणे वेद व्यास प्रोक्तं श्री चन्द्रला परमेश्वरी अष्टकं संपूर्णं ||

|| श्री चन्द्रलापरमेश्वरी आरति हाडु--1 ||

काललंदिगि कैय्यली कंकण ललाट चंद्र निट्टिहळ |कळिय कांतळ कमला मुखियळ होळेव मुत्तिन वालेगळ |ओळ होरगे तन्न प्रतिभेय नोडि वाल्य़ाडि ता नगुवळ | मंगळं जय मंगळं, मंगळ त्रिपुरा मंगळयेता मंगळ सन्नति देविगे, मंगळं जय मंगळं ||1|| रन्नद उडुदर चिन्नद कुंडलि होन्निन डाबा इट्टिहळ | एणिकेइल्लद माणिक सरगळ एळ एळ ता हाकिहळ |अच्च रंगद कुप्पुस तोट्टु एदे बदे नोडि नगुवळ | स्वच्चवाद तुटिगळ नडुगुत सदा मातनाडुवळ | मंगळं जय मंगळं, मंगळ त्रिपुरा मंगळयेता मंगळ सन्नति देविगे, मंगळं जय मंगळं || 2||पंचरत्नद पदकवनिट्टु पद्मास्थळदलि कुळितिहळ |मुत्तिन मूगति मूगिले होळलिके लाभाभरण इट्टिहळ | अच्चरंगद सीरेयनुट्टु हिंदु मुंदु ता नोडुवळ |धनुर्बाण पाशंकुश आयुध कैयली हिडिदिहळ | मंगळं जय मंगळं, मंगळ त्रिपुरा मंगळयेता मंगळ सन्नति देविगे, मंगळं जय मंगळं ||3|| दुंडु कैय्यळ दुमुदुमु कालोळु चंडु मुंडु संहारळ | मंडरीशळ महाद्भुतळ महायोगी उल्हासळ | मंडरीतळ दंडे मुडिदळ गोंडेद नडुवे हेळवल | हिंडु हिंडु दैत्यरनेल्ला खंडिसि देवि कोंदळ | मंगळं जय मंगळं, मंगळ त्रिपुरा मंगळयेता मंगळ सन्नति देविगे, मंगळं जय मंगळं ||4|| आदिरहितळ अद्वैरुपळ अनंत कोटि प्रभेयळ | सिद्ध् बुद्धळ नित्यमुक्तळ सदा सन्नति वासळ | सदस्वरूपळ सदोद्वीपळ नादामृत गुरु रूपळ | मंगळं जय मंगळं, मंगळ त्रिपुरा मंगळयेता मंगळ सन्नति देविगे, मंगळं जय मंगळं ||5||

|| श्री चन्द्लपरमेश्वरी आरति हाडु--2 ||

जयदेवी जयदेवी जय पीठापुरिये | करुणिसु एन्नमेले श्री सन्नति दोरिये जयदेवी जयदेवी || प || पंच पंचवेंबो आरतीय हूडि | पंचीकरणीयेंबो तुप्पवने नीडि | पंचज्ञानवेंबो बत्तियने हच्चि | पंचदारुति नानु एत्ति बेळगुवे | जयदेवी जयदेवी जय पीठापुरिये | करुणिसु एन्नमेले श्री सन्नति दोरिये जयदेवी जयदेवी || 1|| अणुरेणु तृणकाष्ट व्यापिसि नीनिद्दि | घण घण घण घण एंदु झागटि होडिसिद्दि |अणिमादित्यगळेल्ल कालिली ओद्दिद्दि | एणिकिल्लद भक्तरिगे नी अभयव कोट्टिद्दि | जयदेवी जयदेवी जय पीठापुरिये | करुणिसु एन्नमेले श्री सन्नति दोरिये जयदेवी जयदेवी || 2|| सकळ युगगळन्नेल्ला कळे कळेदु बंदे | सकळ दुःखवनेल्ला मरेमरेतु बंदे | कडेगे निन्नय पादके नानु एरगिद्दे | एल्लव बिट्टु निन्नन्ने नंबिद्दे | जयदेवी जयदेवी जय पीठापुरिये | करुणिसु एन्नमेले श्री सन्नति दोरिये जयदेवी जयदेवी || 3||

|| श्री चन्द्रलापरमेश्वरी हाडु--3 ||

आडुत बारम्मा | नलि नलिदाडुत बारम्मा | आडुत वरगळ नीडुत मुददिंद पाडुत लक्ष्मी नडुमनेगिंदु | आडुत बारम्मा | नलि नलिदाडुत बारम्मा ||प || हेज्जेयनिडुतलि गेज्जेय पैजण कालिनलि | सज्जनरा कै सेवेय गोळ्ळलु गेज्जेय काल्गळु झिल झिल झिल्लेन्दु | आडुत बारम्मा | नलि नलिदाडुत बारम्मा ||1|| थळथळ होळेयुतलि तरणिय कोटि प्रकाशदली |थथ्थर थर किटि धिमित धिमित एंदु | ताळ गोटिनलि थै थै थै एंदु | आडुत बारम्मा | नलि नलिदाडुत बार म्मा ||2|| कंकण कैगळलि होळेयुव वंकिय तोळ्गळलि |पंकज मुखियरु सखी संभ्रमदिंद |कंकण रव किंकिणि किणि किणि एंदु | आडुत बारम्मा | नलि नलिदाडुत बारम्मा ||3|| जगवनुद्धरिसुतलि | जवदिं जडमति नतिसुतलि | जनरनु नोडि जय कोडुत उल्हासदि | जगदंबे तायि झणुत झणुत एंदु | आडुत बारम्मा | नलि नलिदाडुत बारम्मा ||4|| सन्नति पुरवरदे | नेलेसुव भीमातीरदलि | भकुति जनदिं पूजेय गोळ्ळलु धरेयोळार्तजनरुद्धरिसुवदक्के | आडुत बारम्मा | नलि नलिदाडुत बारम्मा ||5||

|| चंद्रलांबा स्तोत्र--4 ||

चंद्रलांबा श्री भीमतट निवासि |चिद्रूप विलासि | भानुकोटि शशिमंडल प्रकाशि | मणिकुंडल राशि | कमललोचने कमलोद्भव जननि | कामित दायिनि | कमल हासिनि | करकमल दळनयने | श्री चंदिर वदने | भक्ति सारथि भावित भय हारे | भवतारक नीरे | मुनिजनसुखसारे | चिद्रूपविचारे | निरंजन निर्विकारे | निर्धारे क्षीराब्धि कुमारे | जयतु शांभवी | जगदंबिके माते | खगवाहन प्रीते नगर सन्नति क्षेत्र सुविख्याते | धात्रे सत्पात्रे | श्री विठ्ठल पूजिते | |

|| श्री चन्द्रलापरमेश्वरी हाडु--5||

शरणु त्रिभुवन जननि | स्वामिनि परम करुणा शालिनि | शरणु चंद्रले हे भवानि | शरणु चित्त प्रशांतिनि |सन्नति पुरनिवासिनि शरणु मंगळ दायिनि| शरणु शरणु आदि शक्तिरुपिणि शरणु मंगळ दायिनि | शरणु चंद्रले हे भवानि शरणु चित्त प्रशांतिनि | शरणु सृष्टि स्थिति लयकारिणि |

|| श्री चन्द्रलापरमेश्वरी हाडु--6||

ॐ नमो भगवति लक्ष्मि श्री चन्द्रला परमेश्वरी | ॐ नमो सन्नति पुर निवासिनि |वरदे श्री कामेश्वरि | जयतु चंद्रले जयतु मंगळे जयतु इंदिरे पाहिमां | जयतु सन्नति क्षेत्रवासिनि | जयतु हिंगुळे पाहिमां | कोमलांगिये करविरादली मेरेवे नारायणि | वरदे शारदे श्यामलांगिये शरधि जय कात्यायिनि | ॐ नमो भय हरिते जय बनशंकरि | ॐ नमो शर्वाणि सुंदरी शरदि जाते महेश्वरि | ॐ नमो गीर्वाणि शाम्भवी दुरित दुरुवे माधवी | ॐ नमो चामुंडि चंचले भ्रमर रूपळे भार्गवी | मुक्तिदायिके भक्तवत्सले कावुदेम्मनु चंद्रले |शक्तिपीठळे भयनिवारिणि भक्तरनु कै बिडदले | ॐ नमो हरि हर विरंचय पोरेव मात्र सुमंगळे | ॐ नमो रुद्राणि लक्ष्मी वाणि सुंदरे शृंगळे | रत्नखचित किरीट धारळे हेमवती श्री भगवते | ॐ नमो यतिराज शंकर दत्तगुरुवर पूजिते | ॐ नमो उमे भास्कराचार्य करार्चिते भगवते| कामितार्थव नीव करुणेये कमलबोद्भव प्रीयळे | कविद मायव हरिदु मर्गवतोप्प श्री शशिकळे | शेतुराजन गर्व मुरिद शेतु हिमचल वंदिते |श्वेत गिरियलि मेरेदु सन्नति पुरदली निवासिपे ||बंद भक्तर बंध कळेयुत निंदे सन्नति पुरदलि |इंदु बिडदले पोरे राजेश्वरी इंदुमुखि चंद्रले | नित्य निर्मलरागी चन्द्रल कवच भकुतिली परिसलु | नित्य संपद कीर्ति पुत्र कळत सौख्यव नीवळु | वर नारायण मुनिय सतियळ सेरेय बिडिसिद कूर्परेशन | पोरेदु चिरजीवनव नीडिद चन्द्रले ||

|| श्री चन्द्रलापरमेश्वरी हाडु--7||

नंबिदेनु नंबिदेनु श्री चन्द्रलांबे | इंबुगोडु तव चरणयुगदोळगेंबे || दुष्ट दैत्यरनेल्ला मेट्टि तुळिदिह पादा | शिष्टभक्तरनेल्ला रक्षिसिद पाद || युगयुगदि सुरगणवु नलिदु भजिसिद पादा | कलियुगदि सन्नतियोळु नेलिसिरुव पादा ||युगयुगदि सुरगणवु स्तुतिसि नमिसिद पादा | कलियुगदि सन्नतियोळु नेलिसिरुव पादा ||कलियुगदि दीनरन्नुद्धरिसुव पादा | मुनितपके ओलिदिरुव चंद्रलेय पादा ||चन्द्रवदनेय परम वृतव पोरेदिह पादा | भ्रमर रूपदि मेरेव भ्रमरांबेय पादा ||अष्टमदगळनेल्ला सुट्टुहाकुव पादा | अष्टमोहगळन्नु कित्तुहाकुव पादा ||हत्तु इन्द्रियगळनु कट्टिहाकुव पादा | भक्तरिगे वेंकटन तोरु सिरिपादा ||

|| श्री चन्द्रलापरमेश्वरी हाडु--8 ||

चंद्रलांबिका चंद्रवदने | चंद्रबिंबिका क्षेत्रसाधने ||चंद्र मुकुटे क्षेत्रमंडले | पाहि चंद्रले पातु मांगले|| 1||दग्धपातकी दीनरक्षिणि | दर्पदायिके दैत्यसंहरे ||यासागरे देविहिंगुले | पाहिचंद्रले पातु मांगले || 2||लाभदायिनी लोकपालिके | लास्यदर्षिनि लोलमालिके ||वारिधिलावण्ये लक्ष्मिणिकले | पाहिचंद्रले पातु मांगले || 3|| परब्रह्मिणि पापनाशिनी | पद्मलोचने पाशभुषणे ||पतगेंदु पादयुगले | पाहिचंद्रले पातु मांगले || 4||रम्यपीठिके रुपसुंदरि | रक्तवस्त्रके रत्नशृंगरि |रमाशारदा देविहिंगुले | पाहिचंद्रले पातु मांगले || 5||मेघकारिणि मोक्षदायिनी | मेन कंकणौर्मोद गायिनि ||मेरुशिखरे मेघश्यामले | पाहिचंद्रले पातु मांगले || 6|| स्वस्ति सौम्यती सत्यवादिनी | स्वामि सन्नति सेतु भेदिनि || स्वात सौख्यदा सार शीतले | पाहिचंद्रले पातु मांगले || 7||ऋद्धि बुद्धिदालंकृत्वादिनि | ऋद्धिबुद्धिदा राजषट्पदि ||रिक्तभेदिनि रक्षमत्कूले | पाहिचंद्रले पातु मांगले || 8||

|| श्री चन्द्रलांबा अष्टोत्तर-9 ||

महाकाली महालक्ष्मि शारदांबि गुणात्मिका |दारिद्र दुःख हरिणीं भोग मोक्ष प्रदायिनीं ||चन्द्रलांबा चन्द्रवक्ता चंद्रचूड विहारिणीं |उन्मत्त शेतु भूताल गर्व पर्वत भेदिनीं ||हिंगुलांबा महाशक्ति सर्वमंगल दायिनीं |नारायण मुनिश्रेष्ठं वरदां सर्वमंगलां ||पद्मासनां पद्मवक्ता पद्मसंभव सेवितां |पद्मनाभा प्रियादेवि पद्ममित्र समप्रभा ||भक्त्वाग दिवासस्ता भक्तैश्वर्य प्रदायिनीं |भक्त्वाग माल संहारिणीं भक्त्वाग परिपालिनीं ||क्रूरदानव संहारिणीं निजनराभयदायिनीं |क्वण्णनूपुर पादाब्जं भीमातट निवासिनीं ||इंद्रादि स्तुत्य पादाब्जं सांद्रकुंकुम चर्चितं |निगमा गोचरी लीलां मायामय विहारिणीं ||राजराजेश्वरी देवी महात्रिपुर सुंदरीं | जगदीशं प्रिया शांता नौमि सन्नति चंद्रलां ||ये पठंति नराः भक्त्या चंद्रला स्तोत्र अष्टकं |ते वित्त्यं पुत्रं सौख्य दीन भुभुत्वां मोक्षमवाप्नुयात् ||राजजोषित्येन दोरनग्रामवाशिनां |चिदंबराभिदानेन रचितं चन्द्रलाष्टकं ||

|| श्री चन्द्रलापरमेश्वरी हाडु--10||

(रात्रि मलगुवाग अन्नुवदु )

लाले श्री चन्द्रले लाले गुणशीले | लाले भृगमुनितिलक चन्दिरा बाले लाले |सरसि ज दळ नेत्रे सुरवर स्तोत्रे | सरसि जानन जननि सर्व स्वातंत्रे || हरसि वरगळ कोडुवे एनुत सावित्रे | कोमलांगिये हेम गर्भ संभूते लाले || 1||अम्बुज दळ नेत्रे अम्बिका देवी | नंबिकोंडिरुवंथ भकुतरनु काय्वि || शाम्भवी कौमारी गौरी महादेवि | तुंबिरुव भीमरति सन्नतियोळिरुवि लाले || 2||अष्टदश पीठदोळु अधिकळेंदेनिसि | श्रेष्ट पीठापुरदि बिरुदुगळ धरिसि || दुष्ट दैत्यरनेल्ला कोंदु संहरिसि |शिष्ट जनरिगे कोडुवि अष्ट पद राशि लाले || 3||योगी नारायणनु बंदु निम्मडिगे | बागी नमिसलु अभय कोट्टु आतनिगे || बेग गमनव माडि बंद्रि सन्नतिगे | आग चंद्रले एंब हेसराय्तु निमगे लाले || 4||

|| श्री महालक्ष्मि हाडु--11 ||

चिंतिय परिहार माड महालक्ष्मि | नीनु शांत मूरुति कोल्हापुरद महालक्ष्मि | शुक्रवारद अभिषेक महालक्ष्मि | निनागे सक्कारि पेढे नैवेद्य महालक्ष्मि || पंच गंगेले अभिषेक महालक्ष्मि | निनगे पदरी फेणे नैवेद्यव महालक्ष्मि ||कप्पु कोरळ रूप चलुवे महालक्ष्मि | निनगे ओप्पुताव चतुर्भुज महालक्ष्मि || करवीर पुर वासि महालक्ष्मि | नीनु ज्ञान बोधर मनेयोळिद्दे महालक्ष्मि || मूरु लोकक्के आधारवाद महालक्ष्मि | सारुताव नाल्कु वेद महालक्ष्मि || सदयाकाल सदयानंद महालक्ष्मि | एन्न हृदयदल्लि वासमाड महालक्ष्मि ||आनंद आनंद माते महालक्ष्मि | नीनु पुरंदर विठ्ठलन पट्टद राणि महालक्ष्मि ||

|| श्री महालक्ष्मि हाडु--12 ||

नडि नडि नम्म मनेगे | भाग्यद लक्ष्मि नडि नडि नम्म मनेगे || नडि नडि नम्म मनेगे बडि मुडि हासुवे |अडिगळिगेरगुवे उडिमुखि श्री लक्ष्मि | नडि नडि नम्म मनेगे ----||प ||मल्लगी मालेयु ओळ्ळे कुसुम गंधा | सुमनदिंदलि अर्पिसुवेवु तायि | नडि नडि नम्म मनेगे ----||1 ||भकुतर मनेगे नी तडेयदे बारम्मा | कोडु कोडु सौभाग्या उडिमुखि श्री लक्ष्मि | नडि नडि नम्म मनेगे ----||2 ||शुक्रवारदि अक्करदि पूजिसुवे | सृष्टि श्री नरसिंनोडने थट्टने बारे तायि | नडि नडि नम्म मनेगे ----||3 ||

|| श्री महालक्ष्मि हाडु--13 ||

अंबा पालिसु बेग नंबिदे निन्न ईग | मंडे मेले मुडियुतिरुव दुंडु मल्लगी सरव | अंबा --|प|| नाग लोकदिंद नागादि नाग कंद | नाग कन्निकेयरु तंद नाग लोकद पुष्पा | अंबा --|| 1|| देव लोकदिंद देवादि देव कंद | देव कन्निकेयरु तंद देव लोकद पुष्पा | अंबा -- || 2||

|| श्री महालक्ष्मिय पूजेय हाडु--14 ||

पूजे माडोण बेग बन्निरे | शंभु शंकर मडदिगे || गंध अरिषिण कुंकुमा पुनद कस्तुरी परिमळ |इंदु वदनेयरेल्ल कूडि मंगळारुति बेळगिरे ||1||गेज्जे काल्कडग रुळि कालुंगरिट्टा भामेगे | हसर पीतांबरव नुडिसिरे मुद्दु मुखदा गौरिगे || 2||गोंडे रागुटि चंद्रहार कोरळिगे एकावळी सर | वांकी बापुरी निट्ट तोळिगे कुतुणि कुब्बुस तोडिसिरे || 3||हीरे कुम्बळ कायि पडवल शाख पाकव माडिरे |सण्ण शाविगे पदर फेणे शालन्न शाखव बडिसिरे || 4||

|| श्री महालक्ष्मिय आरतिय हाडु--15 ||

आरुति बेळगिरे महालकुमिगे | मुत्तिनारुतिया लकुमिगे मुत्तिनारुतिया ||क्षीर सागरदल्ली वासिपळिगे | चंददि नलि नली दाडु देविगे | मुत्तिनारुतिया लकुमिगे मुत्तिनारुतिया || 1||मंगळांगळे महालकुमिगे | वज्रद गोंबेयंथोळेव देविगे | मुत्तिनारुतिया लकुमिगे मुत्तिनारुतिया || 2||कोळ्हापुरदली वासिपळिगे | मुददिंद वरगळ कोडुव तायिगे | मुत्तिनारुतिया लकुमिगे मुत्तिनारुतिया || 3||

|| श्री महालक्ष्मिय आरतिय हाडु--16 ||

मंगळारुति तंदु बेळगुवे रंगन अर्धांगियळिगे | मारजनकन राणि निन्न आराधिसुवेने तायि | आराधिसुवेने | घोरवाद दारिद्रव होगलाडिसे | तायि होगलाडिसे | मंगळारुति तंदु---||1|| कंदळ अपराधवन्नु ओंदु एणिसदे |तायि ओंदु एणिसदे| |इंदिरा देवी एन्न बंधनव बिडिसे तायि बंधनव बिडिसे | मंगळारुति तंदु---||2|| सृष्टि ईशन राणि पादव मुट्टि भजिसुवे |तायि मुट्टि भजिसुवे | बेट्टदा वेंकटेशन सृष्टि तोरिसे | तायि सृष्टि तोरिसे | मंगळारुति तंदु---||3||

|| देविगे वर बेडुव हाडु--17 ||

वरव कोडम्मा तायि सौभाग्यद वरव कोडम्मा देवि || पट्टावळिय उट्टु | मित्रियरेल्ला बट्टु कुंकुम तीडि | अप्पल गौरिय वर पूजिसिदरे | मुत्तैदितनगळु स्थिरवागि इरुवंथ || वरव कोडम्मा तायि सौभाग्यद वरव कोडम्मा देवि ||1||सारावळियने उट्टु | नारियरेल्ला सरद मुत्तुगळ कट्टि | नारि गौरव्वन वर पूजिसिदरे | सवित्रितनगळु स्थिरवागि इरुवंथ || वरव कोडम्मा तायि सौभाग्यद वरव कोडम्मा देवि ||2||चन्द्रगावियने उट्टु | रंभेयरेल्ला दुंडु मुत्तुगळ कट्टि | मंगळ गौरिय वर पूजिसिदरे | मांगल्यतनगळु स्थिरवागि इरुवंथ || वरव कोडम्मा तायि सौभाग्यद वरव कोडम्मा देवि ||3||